January 22, 2026
Festival Fast
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गुप्त नवरात्रि 2026
गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथि
माघ गुप्त नवरात्रि 2026.
19 जनवरी 2026 (सोमवार) से,
27 जनवरी 2026 (मंगलवार) तक,
(यह नवरात्रि माघ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक रहती है।
गुप्त नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? (महत्व और उद्देश्य)
गुप्त नवरात्रि देवी शक्ति के गुप्त स्वरूपों की उपासना के लिए मनाई जाती है।
इस नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य है:
आत्मिक शक्ति को जाग्रत करना
मन और इंद्रियों पर नियंत्रण पाना
नकारात्मक ऊर्जा और भय से मुक्ति
आत्मविश्वास और आत्मबोध की प्राप्ति
इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस समय की साधना दिखावे से दूर, भीतर की जाती है। यह पर्व सिखाता है कि सच्ची शक्ति शोर में नहीं, मौन और साधना में होती है।
गुप्त नवरात्रि कैसे मनाई जाती है? (पूजा विधि)
गुप्त नवरात्रि को सादगी, अनुशासन और एकाग्रता के साथ मनाया जाता है।
मुख्य पूजा विधियाँ:
व्रत या सात्त्विक भोजन
मंत्र जाप और ध्यान
दस महाविद्याओं की उपासना
यथासंभव मौन धारण करना
आडंबर, संगीत और दिखावे से दूरी
इस नवरात्रि में सार्वजनिक आयोजन नहीं होते। यह पूरी तरह व्यक्तिगत साधना का समय होता है।
गुप्त नवरात्रि की कथा क्या है?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि का संबंध दस महाविद्याओं से है। ये देवी शक्ति के ऐसे स्वरूप हैं जो ज्ञान, वैराग्य, भय-नाश और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्राचीन काल में ऋषि-मुनि और तांत्रिक इन नौ रातों में गहन साधना करते थे। इन साधनाओं को गुप्त रखा जाता था ताकि:
साधना की पवित्रता बनी रहे
शक्ति का दुरुपयोग न हो
यह कथा हमें सिखाती है कि हर आध्यात्मिक यात्रा सार्वजनिक नहीं होती।
गुप्त नवरात्रि का वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason)
गुप्त नवरात्रि केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
1. मानसिक एकाग्रता
मौन और ध्यान से मस्तिष्क की अनावश्यक गतिविधियाँ कम होती हैं, जिससे ध्यान शक्ति और स्पष्टता बढ़ती है।
2. ऊर्जा संरक्षण
हल्का भोजन और सीमित गतिविधियाँ शरीर की ऊर्जा बचाती हैं, जो मानसिक संतुलन और आत्मनियंत्रण में उपयोग होती है।
3. ऋतु परिवर्तन का संतुलन
गुप्त नवरात्रि मौसम परिवर्तन के समय आती है। नियंत्रित दिनचर्या शरीर को मौसमी बदलाव के अनुकूल बनाती है।
4. ध्यान और मस्तिष्क विज्ञान
मंत्र जाप और ध्यान से तनाव हार्मोन कम होते हैं और मस्तिष्क में शांति, स्मरण शक्ति और भावनात्मक स्थिरता बढ़ती है।
गुप्त नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? (महत्व और उद्देश्य)
गुप्त नवरात्रि देवी शक्ति के गुप्त स्वरूपों की उपासना के लिए मनाई जाती है।
इस नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य है:
आत्मिक शक्ति को जाग्रत करना
मन और इंद्रियों पर नियंत्रण पाना
नकारात्मक ऊर्जा और भय से मुक्ति
आत्मविश्वास और आत्मबोध की प्राप्ति
इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस समय की साधना दिखावे से दूर, भीतर की जाती है। यह पर्व सिखाता है कि सच्ची शक्ति शोर में नहीं, मौन और साधना में होती है।
गुप्त नवरात्रि कैसे मनाई जाती है? (पूजा विधि)
गुप्त नवरात्रि को सादगी, अनुशासन और एकाग्रता के साथ मनाया जाता है।
मुख्य पूजा विधियाँ:
व्रत या सात्त्विक भोजन
मंत्र जाप और ध्यान
दस महाविद्याओं की उपासना
यथासंभव मौन धारण करना
आडंबर, संगीत और दिखावे से दूरी
इस नवरात्रि में सार्वजनिक आयोजन नहीं होते। यह पूरी तरह व्यक्तिगत साधना का समय होता है।
गुप्त नवरात्रि की कथा क्या है?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि का संबंध दस महाविद्याओं से है। ये देवी शक्ति के ऐसे स्वरूप हैं जो ज्ञान, वैराग्य, भय-नाश और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्राचीन काल में ऋषि-मुनि और तांत्रिक इन नौ रातों में गहन साधना करते थे। इन साधनाओं को गुप्त रखा जाता था ताकि:
साधना की पवित्रता बनी रहे
शक्ति का दुरुपयोग न हो
यह कथा हमें सिखाती है कि हर आध्यात्मिक यात्रा सार्वजनिक नहीं होती।
गुप्त नवरात्रि का वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason)
गुप्त नवरात्रि केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
1. मानसिक एकाग्रता
मौन और ध्यान से मस्तिष्क की अनावश्यक गतिविधियाँ कम होती हैं, जिससे ध्यान शक्ति और स्पष्टता बढ़ती है।
2. ऊर्जा संरक्षण
हल्का भोजन और सीमित गतिविधियाँ शरीर की ऊर्जा बचाती हैं, जो मानसिक संतुलन और आत्मनियंत्रण में उपयोग होती है।
3. ऋतु परिवर्तन का संतुलन
गुप्त नवरात्रि मौसम परिवर्तन के समय आती है। नियंत्रित दिनचर्या शरीर को मौसमी बदलाव के अनुकूल बनाती है।
4. ध्यान और मस्तिष्क विज्ञान
मंत्र जाप और ध्यान से तनाव हार्मोन कम होते हैं और मस्तिष्क में शांति, स्मरण शक्ति और भावनात्मक स्थिरता बढ़ती है।